शिमला। राजधानी के कच्चीघाटी में चल रहे किसानों के प्रशिक्षण शिविर में चौथे दिन स्वदेशी उत्पाद तैयार कर स्वरोजगार और उद्योग शुरू करने के बारे में जानकारी दी गई। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि किसानों को पंचगव्य से बनने वाले उत्पादों के बारे में जानकारी दी। कृषि विशेषज्ञ राजेश शर्मा ने कहा कि किसान बेकार समझे जाने वाले उत्पादों से भी आय का बड़ा साधन बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि पंचगव्यों यानी गोबर, गौमूत्र, दूध, दही, घी किसानों की आय का अच्छा साधन बन सकता है। उन्होंने कहा कि गोबर और गोमूत्र से करीब 85 प्रकार की सामग्री बनाई जा सकती है। इनमें धूपबत्ती, हवन कंडे, फिनायल, साबुन और पेंट जैसे उत्पाद शामिल हैं। कार्यक्रम में पंजाब प्रांत के कृषि अधिकारी सीसी चीमा और पंजाब कृषि विस्तार के राजेश कुमार जोशी, पंजाब कृषि आत्मा परियोजना से डॉ संदीप सिंह और समाज कल्याण जन सेवा समिति की अध्यक्ष आसमा खान और प्राकृतिक कृषि विशेषज्ञ पीएच बार्चे इत्यादि शामिल रहे। संवाद