शिमला। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रदेश अध्यक्ष अनिंदर सिंह पंधेर ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पेश किए बजट में हिमाचल के किसानों और बागवानों को नजर अंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि सेब उगाने वाले हमारे किसान जो राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, वह पहले से ही मुश्किलों में हैं। बजट ने आयात के खतरे, वित्तीय सहायता बंद करने और हमारे क्षेत्र के पर्यावरणीय योगदान को बिल्कुल अनदेखा कर दिया है। न्यूजीलैंड से सेब पर आयात शुल्क कम करने से सस्ते विदेशी सेब भारतीय बाजार में भर गए हैं। इससे स्थानीय सेब की कीमतें गिर गई हैं। अब यूरोपीय संघ के साथ प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से यूरोप के सस्ते सेबों की बाढ़ आने वाली है। संवाद