शिमला। हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान पंथाघाटी में बुधवार को 27वीं अनुसंधान सलाहकार समूह की बैठक हुई। संस्थान के सम्मेलन कक्ष में हुई बैठक में विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया। बैठक में चल रही शोध परियोजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में अप्रैल 2027 से प्रस्तावित आठ नए शोध प्रस्तुत किए। इनमें लद्दाख की शीत मरुस्थलीय वनस्पतियों के हर्बेरियम का डिजिटलीकरण शामिल है। स्थानीय माइकोराइजल जैव उर्वरक का खेत स्तर पर परीक्षण भी प्रस्तावित है। कराकोरम वन्यजीव अभयारण्य में पौधों और कीटों की विविधता का आकलन होगा। इसके अलावा भोजपत्र में कीट प्रकोप के प्रबंधन पर शोध होगा। शिमला के वनों में जलवायु प्रभावों और लाभकारी कीटों की विविधता, सी-बकथॉर्न के आनुवंशिक संसाधनों के संरक्षण, फ्रैक्सिनस प्रजाति के संरक्षण और गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार के अध्ययन पर चर्चा की गई। संस्थान की निदेशक डॉ. मनीषा थपलियाल ने शोध प्राथमिकताओं को मजबूत करने पर जोर दिया।