शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर एक अहम बदलाव किया है। कार्यकारी परिषद की 28 मार्च को हुई बैठक में यह निर्णय लिया कि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच (वेरिफिकेशन) पर आने वाला खर्च अब संस्था नहीं बल्कि संबंधित कर्मचारी स्वयं वहन करेगा। नए नियम के तहत अब केवल वही कर्मचारी सत्यापन प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे जो वास्तव में इसकी जरूरत समझते हैं। इससे प्रक्रिया में गंभीरता आएगी और गैर-जरूरी मामलों में कमी आने की उम्मीद है। विश्वविद्यालय प्रशासन लंबे समय से वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए छोटे-छोटे खर्चों की समीक्षा कर रहा है। इसी क्रम में यह फैसला भी लिया गया है। संवाद