शिमला। राजधानी के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में सोमवार को पोषण पखवाड़ा के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान 0 से 3 वर्ष के बच्चों के विकास पर जोर दिया गया। प्रारंभिक उत्तेजना और ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा) पर अभिभावकों और परिवार के सदस्यों के लिए जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। इस अवसर पर केंदों में बच्चों के लिए विभिन्न खेल गतिविधियां आयोजित की गईं और महिलाओं को जागरूक किया गया। पोषण पखवाड़ा के उद्देश्य माता-पिता और परिवार के सदस्यों को बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा के बारे में जागरूक करना है। 0-3 वर्ष के बच्चों में मस्तिष्क विकास को बढ़ावा देना। 3-6 वर्ष के बच्चों के लिए खेल-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना। आंगनबाड़ी केंद्रों को मजबूत करना और समुदाय की भागीदारी बढ़ाना तथा बच्चों में स्क्रीन टाइम को कम करने के लिए जागरूकता अभियान चलाना है। शिमला अर्बन परियोजना के सभी पर्यवेक्षकों सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं सहित महिलाएं मौजूद रहीं। संवाद