शिमला। राजधानी के समरहिल चौक पर वर्ष 2016 में रास्ता रोकने, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के दर्ज हुए मामले में अदालत ने सभी आठ आरोपियों मंडी निवासी अमित कुमार, विश्वबंधु, अंकित जमवाल, प्रदीप कुमार, शिमला निवासी प्रदीप शर्मा, हमीरपुर निवासी सन्नी शुक्ला, बिलासपुर निवासी प्रशांत कश्यप और सोलन निवासी गौरव अत्री को बरी कर दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुस्मिता शर्मा की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा। मुख्य गवाहों के अदालत में अपने बयानों से मुकर जाने के चलते अदालत ने सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए रिहा करने के आदेश जारी किए। अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 5 अक्तूबर 2016 की रात करीब 9:00 बजे समरहिल चौक पर हुई थी। आरोप था कि आठ युवकों ने गैर-कानूनी जमावड़ा बनाकर शिकायतकर्ता भूमि राम, रविंद्र सिंह और अन्य लोगों का रास्ता रोका तथा उनके साथ मारपीट की। पुलिस थाना बालूगंज में इसे लेकर एफआईआर दर्ज की थी। संवाद