गुड़िया प्रकरण से संबंधित लॉकअप मौत मामले में निलंबित एसपी डीडब्ल्यू नेगी को न्यायिक हिरासत में कंडा जेल भेजा गया है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शिमला रणजीत सिंह के अदालत ने सीबीआई का रिमांड पूरा होने के बाद अब न्यायिक हिरासत में भेजा है।
वे फिलहाल न्यायिक हिरासत पर 23 नवंबर तक रहेंगे। उन्हें आईजी समेत अन्य पुलिसवालों के साथ वीरवार को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। डीडब्ल्यू नेगी को मंगलवार को दोपहर के बाद कोर्ट में पेश किया गया।
नेगी वीरवार को गिरफ्तार होने से लेकर अब तक सीबीआई के रिमांड पर चल रहे थे। सीबीआई ने उन्हें लॉकअप में हुई सूरज सिंह की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया है। उन पर गुड़िया मामले के एक अन्य आरोपी राजू के खिलाफ फर्जी मामला दर्ज करवाने का आरोप है।
ऐसे हुई थी सूरज की मौत
सीबीआई के मुताबिक पुलिस ने 18 जुलाई की रात को कोटखाई थाने में हुई हत्या का आरोप राजू पर मढ़ा था। कहानी बनाई गई कि राजू ने ही सूरज को मारा है, जबकि उसकी हत्या पुलिस पूछताछ के दौरान हुई है।
सीबीआई ने पुलिस पूछताछ के दौरान हुए इस कत्ल के आरोप में राजू के बजाय पुलिसवालों को ही लपेटा है। थाने में हुई इस संदिग्ध मौत के मामले में डीडब्ल्यू नेगी की गिरफ्तारी से तीन महीने पहले आईजी जहूर एच जैदी, डीएसपी मनोज जोशी, थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह समेत आठ पुलिसवाले पहले से ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।