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डूरंड कप: शिमला से जुड़ा है एशिया के पहले फुटबॉल टूर्नामेंट का इतिहास, पढ़िए रोचक जानकारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 21 Nov 2022 03:20 PM IST

सार

डूरंड कप भारत के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट में से एक है और इंग्लिश एफए-कप और स्कॉटिश एफए-कप के बाद पूरी दुनिया में तीसरा सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट है।
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शिमला का अनाडेल मैदान। - फोटो : सोशल मीडिया


स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए खेल के मूल्य को समझने के बाद उन्होंने भारत में खेल प्रतियोगिता को प्रोत्साहित करने का फैसला किया। यह टूर्नामेंट बिटिश सैनिकों के बीच स्वास्थ्य और फिटनेस बनाए रखने के लिए शुरू किया गया था। सबसे पहले यह प्रभावी रूप से एक आर्मी टूर्नामेंट था और भारत में बड़े पैमाने पर ब्रिटिश भारतीय सेना के सैनिकों के लिए ही करवाया जाता था। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह टूर्नामेंट सभी गैर-सैन्य टीमों के लिए भी खोला गया।


पहले फाइनल में रॉयल स्काउट्स ने हाईलैंड लाइट इन्फेंट्री को 2-1 से हराया था। इसके बाद कई साल तक डूरंड कप में विदेशी और भारतीय खिलाड़ी शामिल हुए। देश आजाद हुआ तो भी डूरंड कप का आयोजन होता रहा। आज भी यह फुटबाल प्रतियोगिता होती है। यह एशिया का पहला सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट है। डूरंड कप भारत के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट में से एक है और इंग्लिश एफए-कप और स्कॉटिश एफए-कप के बाद पूरी दुनिया में तीसरा सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट है।


अगस्त 2022 में हुए डूरंड कप टूर्नामेंट में बेगलूरू ने मुंबई की टीम को हराया। डूरंड कप की सबसे सफल टीमें मोहन बागान और ईस्ट बंगाल है। दोनों ने 16 बार डूरंड कप जीता है। डूरंड फुटबाल टूर्नामेंट सोसाइटी और अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ इस प्रतियोगिता का आयोजन करवाते हैं।

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