गुड़िया प्रकरण के दौरान सूरज लॉकअप हत्याकांड मामले में न्यायिक हिरासत में चल रहे ठियोग के पूर्व डीएसपी मनोज जोशी को मेडिकल आधार पर हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है।
मनोज जोशी से पहले हाईकोर्ट से ही तत्कालीन एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी को और सुप्रीम कोर्ट से आईजी जहूर जैदी को जमानत मिल चुकी है। पूर्व आईजी और पूर्व एसपी समेत नौ पुलिस कर्मियों पर बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म और हत्याकांड के कथित आरोपी सूरज को पुलिस हिरासत में जान से मारने का आरोप लगा है।
गुरुवार को न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर ने मेडिकल आधार पर मनोज जोशी को न्यायिक हिरासत से रिहा करने के आदेश दिए। गौरतलब है कि पुलिस लॉकअप में गुड़िया के साथ बदसलूकी व हत्या के कथित आरोपी सूरज की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में सीबीआई ने पूर्व आईजी जैदी, पूर्व डीएसपी मनोज जोशी समेत आठ पुलिस कर्मचारियों को 29 अगस्त 2017 को गिरफ्तार किया था।
जहूर जैदी को गत पांच अप्रैल को सर्वोच्च न्यायालय से जमानत मिल गई है, जबकि डीडब्ल्यू नेगी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। पुलिस लॉकअप में हुई मौत मामले में अब एसआई राजेंद्र सिंह, एएसआई दीपचंद, एचएससी सूरत सिंह, मोहन लाल, रफीक अली, रंजीत सरेटा अभी तक सलाखों के पीछे हैं।