शिमला। फार्मासिस्टों के विरोध के बाद चिकित्सकों को जन आरोग्य समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है। इसके साथ ही फार्मेसी अधिकारियों को सदस्य नियुक्त किया गया है। इससे पहले विभाग की ओर से जन आरोग्य समिति में सदस्य सचिव का जिम्मा फार्मासिस्टों को सौंपा था। इसके बाद ऑल इंडिया गवर्नमेंट एंड प्राइवेट पब्लिक सेक्टर फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने जन आरोग्य समिति में काम करने का विरोध जताया था। साथ ही एसोसिएशन की ओर से मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को ज्ञापन भी सौंपा था। अब फार्मेसी अधिकारियों को सदस्य सचिव पद की बजाय केवल सदस्य के रूप में रखा है। ऑल इंडिया गवर्नमेंट एंड प्राइवेट पब्लिक सेक्टर फार्मासिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने प्रदेश सरकार का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यदि वे जन आरोग्य समिति का दायित्व संभालते तो उन पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ जाता। ऑल इंडिया गवर्नमेंट एंड प्राइवेट पब्लिक सेक्टर फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज शर्मा ने कहा कि सरकार ने सभी फार्मासिस्टों की बातों को सुना है। ऐसे में संघ ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य सचिव, मिशन निदेशक सहित अन्य अधिकारियों का आभार जताया है। ब्यूरो