शिमला। हिमाचल प्रदेश जनजाति सुरक्षा मंच ने केंद्र और राज्य सरकार से धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों को अनुसूचित जनजाति आरक्षण का लाभ न देने की मांग उठाई है। शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मंगलवार को मंच के पदाधिकारियों ने मांग की कि धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों को एसटी प्रमाण पत्र पर न तो नौकरी में आरक्षण मिले और न ही एसटी प्रमाण पत्र पर उन्हें चुनाव लड़ने का अधिकार दिया जाए। जनजाति सुरक्षा मंच के संयोजक डॉ. राकेश नेगी और लच्छिया राम ठाकुर ने कहा कि देशभर में जनजाति क्षेत्रों में बहुत से लोग धर्म परिवर्तन कर चुके हैं। प्रलोभनों, इच्छा और विभिन्न कारणों से लोग धर्मांतरण लोग कर चुके हैं लेकिन वह आज भी अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों को मिलने वाले अनुसूचित जनजाति आरक्षण का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब उन लोगों ने धर्म परिवर्तन कर लिया है, उनका हिंदू धर्म से अब कोई वास्ता नहीं है तो धर्म परिवर्तन करने वाले ऐसे जनजातीय लोगों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) के अधिकार और सुविधाएं नहीं मिलनी चाहिए। जनजाति क्षेत्रों में धर्मांतरण बंद किया जाए और जनजातीय धर्म-संस्कृति की रक्षा की जाए। इसके साथ ही प्रलोभन के माध्यम से होने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाई जाए। संवाद