शिमला। जिला एवं सत्र अदालत (सीबीआई कोर्ट) शिमला ने चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि यदि शिकायतकर्ता लगातार मामले की पैरवी करता रहा हो तो केवल एक बार अदालत में उपस्थित न होने के आधार पर शिकायत खारिज नहीं की जानी चाहिए। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा की अदालत ने निचली अदालत के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसके तहत श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी की शिकायत खारिज कर दी थी। अदालत ने मामले को बहाल करते हुए निचली अदालत को आगे की सुनवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए कहा कि शिकायतकर्ता की पिछली पैरवी और मामले में उसकी सक्रियता को नजरअंदाज कर केवल एक तारीख पर अनुपस्थिति के आधार पर शिकायत समाप्त करना उचित नहीं है।