शिमला। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) शिमला में चल रहे डायमंड जुबली सप्ताह के दूसरे दिन सोमवार को भारतीय ज्ञान परंपरा के विकास और प्राचीन सभ्यताओं को समझने में पुरातात्त्विक साक्ष्यों की भूमिका पर चर्चा हुई। डेक्कन कॉलेज पोस्ट-ग्रेजुएट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, पुणे के पूर्व कुलपति एवं प्रख्यात पुरातत्त्वविद् प्रो. वसंत शिंदे ने राखीगढ़ी के विशेष संदर्भ में भारतीय ज्ञान प्रणाली के विकास पर व्याख्यान दिया। सत्र की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक प्रो. हिमांशु कुमार चतुर्वेदी ने की। प्रो. शिंदे ने बताया कि प्राचीन सभ्यताओं को समझने के लिए पुरातात्त्विक साक्ष्य महत्वपूर्ण स्रोत हैं। उन्होंने बताया कि राखीगढ़ी जैसे महत्वपूर्ण पुरातात्त्विक स्थल भारतीय उपमहाद्वीप की प्राचीन नगरीय सभ्यता के अध्ययन में अहम स्थान रखते हैं। संवाद