शिमला। हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान पंथाघाटी में वन अनुसंधान संस्थान देहरादून के सहयोग से चुनौतियां और समाधान रणनीतियां विषय पर क्षेत्रीय अनुसंधान सम्मेलन का आयोजन किया। वन विकास निगम हरियाणा के प्रधान मुख्य अरण्यपाल एवं प्रबंध निदेशक जगदीश चंद्र ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि कीट जैव विविधता का एक बड़ा हिस्सा है और यह कीट तथा तितलियां जलवायु परिवर्तन के प्रमुख संकेतक होते हैं। हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. संदीप शर्मा ने बताया कि वनों में कीटों से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए एकीकृत और व्यापक अनुसंधान की आवश्यकता है। वन अनुसंधान संस्थान देहरादून के उपमहानिदेशक डॉ. राजेश शर्मा ने अनुसंधान परियोजनाओं की आवश्यकता पर जोर दिया। संवाद