शिमला। राजधानी के गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में आयोजित श्रीकृष्ण लीला कथा के सातवें और अंतिम दिन सोमवार को कृष्ण और उनके परम सखा सुदामा के प्रेम का वर्णन किया गया। इस दौरान कथा व्यास आचार्य सौरभ ने बताया कि सच्ची मित्रता में धन-दौलत, पद और प्रतिष्ठा का कोई महत्व नहीं होता। द्वारका पहुंचे निर्धन सुदामा का भगवान श्रीकृष्ण ने जिस आत्मीयता से स्वागत किया, वह भक्त और भगवान के संबंध की अद्भुत मिसाल है। श्रीकृष्ण ने सुदामा को गले लगाया और उनके चरणों का सम्मान किया। सुदामा द्वारा लाए चिवड़ों को भी उन्होंने प्रेमपूर्वक स्वीकार किया। कथा के अंत में सभा के प्रधान अजय सूद, महासचिव धर्मपाल पुरी, उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण डोरा और प्रचार मंत्री सुमन पाल दत्ता ने कथावाचक का माल्यार्पण कर सम्मान किया। आयोजित कथा में संगीत पर नीरज शर्मा और तबले पर अंकित शर्मा ने सहयोग दिया। संवाद