शिमला। गंज बाजार में स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा के छठे दिन सोमवार को रुद्राक्ष, बेलपत्र और भस्म के आध्यात्मिक महत्व के बारे में बताया गया। दोपहर 3 बजे से शुरू हुई कथा में कथावाचक अमित कृष्ण शास्त्री महाराज ने बताया कि शिव-पार्वती का विवाह केवल दो दिव्य शक्तियों का मिलन नहीं बल्कि शिव और शक्ति के सनातन स्वरूप का पावन संगम है जो सृष्टि के संतुलन और लोक कल्याण का आधार है। इस दौरान कथा वाचक ने शिव-पार्वती विवाह प्रसंग सुनाया जिसमें इन्होंने माता पार्वती की कठोर तपस्या और भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के उनके अटूट संकल्प का विस्तार से वर्णन किया गया। इसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। सनातन धर्म सभा के प्रचार मंत्री सुमन पाल दत्ता ने बताया कि 25 जुलाई तक कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6:30 बजे तक आयोजित की जा रही है। संवाद