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Shimla News: शालग्राम की महिमा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु

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शिमला। गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा के आठवें दिन बुधवार को भगवान विष्णु के शालग्राम स्वरूप और माता तुलसी की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। दोपहर 3 बजे से शुरू हुई कथा में अमित कृष्ण शास्त्री महाराज ने बताया कि यह प्रसंग धर्म, निष्ठा, पतिव्रत और ईश्वर भक्ति का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि दैत्यराज शंखचूड़ अपनी पत्नी माता तुलसी के अटूट पतिव्रत धर्म के प्रभाव से अजेय थे। देवताओं की प्रार्थना पर भगवान विष्णु ने लोक कल्याण के लिए दिव्य लीला रची जिससे शंखचूड़ का वध संभव हुआ। घटना का पता चलने पर माता तुलसी ने भगवान विष्णु को श्राप दिया कि वह शिला रूप में प्रतिष्ठित हों। इस श्राप के फलस्वरूप भगवान विष्णु शालग्राम स्वरूप में पूजित हुए जबकि माता तुलसी स्वयं समस्त संसार में पूजनीय बन गई। तुलसी के बिना भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है जबकि शालग्राम भगवान विष्णु का साक्षात स्वरूप हैं। देवउठनी एकादशी पर होने वाला तुलसी-शालग्राम विवाह शुभता, समृद्धि और मंगल का प्रतीक है। सनातन धर्म सभा के प्रचार मंत्री सुमन पाल दत्ता ने बताया कि 25 जुलाई तक कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6:30 बजे तक आयोजित की जा रही है। संवाद
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