इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) अस्पताल शिमला में स्क्रब टायफस से एक मरीज की मौत हुई है। स्क्रब टायफस से पीड़ित सोलन के 54 वर्षीय एक मरीज को 28 अगस्त को आईजीएमसी में भर्ती किया गया था। पुरुष वार्ड में भर्ती मरीज पर चिकित्सक लगातार निगरानी बनाए रखे थे, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण मरीज ने गत दिन दम तोड़ दिया। गौर हो कि स्क्रब टायफस रोग एक जीवाणु रिकेटशिया से संक्रमित पिस्सू के काटने से फैलता है, जो खेतों, झाड़ियों और घास में रहने वाले चूहों के अलावा पशुओं में पनपता है। इससे पीड़ित मरीज को तेज बुखार आता है। जोड़ों में दर्द और शरीर में कंपकंपी होती है।
बीमारी के लक्षण
तेज बुखार 104 से 105 तक जा सकता है।
जोड़ों में दर्द और कंपकंपी के साथ बुखार आना
शरीर में ऐंठन अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगना।
अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजू के नीचे कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना।
रोकथाम
शरीर में सफाई का ध्यान रखें।
घर और आसपास के वातावरण को साफ रखें।
घर के चारों ओर घास, खरपतवार नहीं उगने दें।
घर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें।