शिमला। राजधानी की वरिष्ठ सिविल जज प्रतिभा नेगी की अदालत ने संपत्ति और व्यवसाय से जुड़े एक पारिवारिक विवाद में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने बुजुर्ग पिता की दुकान, उसके आधे हिस्से, पहली मंजिल तथा वहां चल रहे रेडीमेड गारमेंट्स के कारोबार में दखल देने और दुकान के आगे अवैध रूप से स्टॉल लगाने पर बेटे तथा बहू के खिलाफ स्थायी रोक लगाई है। बुजुर्ग पिता का कहना था कि यह संपत्ति उनकी स्व-अर्जित संपत्ति है और उनका व्यवसाय भी पूरी तरह से उनका अपना है। बेटा और बहू दुकान में हिस्सा मांग रहे थे। बेटे ने अपने जवाब में दावा किया था कि यह संपत्ति पैतृक है और वह जन्म से इसका सह-हिस्सेदार है। संवाद