दलाईलामा ने कहा कि तिब्बत कई सालों से चीन के अधीन है। हम पूरी तरह से आजादी चाहते हैं। चीन ने तिब्बत के प्रति दमनकारी नीतियां अपनाई हैं। लेकिन अब चीन अपनी इस गलती को सुधारना चाहता है। चीन अब बदल रहा है।
बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा ने कहा कि चीन अब बदल गया है। वह मुझसे बात करना चाहता है। उन्होंने कहा कि वह भी तिब्बत की समस्याओं को लेकर खुले तौर पर चीन के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं। धर्मगुरु ने कहा कि अब चीन को तिब्बत की भावना का अहसास हो गया है। इसलिए तिब्बत की समस्याओं का समाधान करने के लिए चीन मुझसे संपर्क साध रहा है। मैं भी बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार हूं। दिल्ली और लद्दाख जाने से पहले दलाईलामा ने यह बात धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
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पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए दलाईलामा ने कहा कि हमने कभी नहीं कहा कि हम आजादी चाहते हैं। हम कई सालों से कह रहे हैं कि हमें पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का हिस्सा बने रहने में कोई गुरेज नहीं है। चीन अब बदल रहा है। वह मुझसे संपर्क साध रहा है। गौरतलब है कि आधिकारिक तौर पर दलाईलामा 21 से 23 जुलाई तक लद्दाख के दौरे पर रहेंगे। यह दौरा करीब एक माह तक बढ़ भी सकता है।
गगल एयरपोर्ट से रवाना हुए दलाईलामा
तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा शनिवार सुबह कांगड़ा के गगल हवाई अड्डे से दिल्ली के लिए रवाना हुए। इस दौरान गगल एयरपोर्ट पहुंचने पर उनके अनुयायियों ने उनके साथ फोटो खिंचवाए। गौरतलब है कि दलाईलामा दिल्ली से लद्दाख अपने दौरे पर जा रहे हैं। इसके लिए शनिवार सुबह नौ बजे के स्पाइस जेट विमान से वह दिल्ली के लिए रवाना हुए।