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दो साल बाद भी लापता युग का इंतजार कर रहे हैं परिजन

Thu, 23 Jun 2016 10:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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मीडिया से बातचीत करते युग के पिता पिता विनोद गुप्ता। - फोटो : अमर उजाला
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युग अपहरण के दो साल भी परिजनों ने इसके लौटने की उम्मीद नहीं छोड़ी है। सीआईडी ने इस मामले में दो लोग गिरफ्तार किए हैं। गिरफ्तारी के बाद परिजनों को पूरी उम्मीद है कि युग जल्द घर लौट आएगा। पिता विनोद गुप्ता ने गिरफ्तारी के बाद मीडिया से रूबरू होकर सीआईडी की अब तक की जांच पर संतोष जताया।
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उन्होंने कहा कि दो पड़ोसियों की गिरफ्तारी के बाद अब उन्हें आस जगी है कि जल्द उनके बेटे का पता चल जाएगा। उन्हें अपने बेटे से मिलने का इंतजार है। उन्होंने प्रदेश सरकार और सीआईडी तथा पुलिस से मांग उठाई है कि अपहरण मामले की जांच को और तेज कर उनके बच्चे का जल्द से जल्द पता लगाया जाए।

विनोद और उसके रिश्तेदारों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पकड़े गए दोनों लोगों के खिलाफ चोरी के कई मामले दर्ज हैं। पत्रकार वार्ता में विनोद के जीजा, पान बीड़ी, सिगरेट विक्रेता संघ के अध्यक्ष राज किशोर गुप्ता और प्रदीप कुमार गुप्ता भी मौजूद थे।
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27 जून को मिली थी फिरौती की पहली चिट्ठी

14 जून 2014 की शाम को चार साल के युग का अपहरण हो गया था। - फोटो : फाइल फोटो
युग के पिता विनोद कुमार ने कहा कि कई मर्तबा उन्हें फिरौती के लेटर और कॉल आए। 14 जून 2014 को बच्चे के लापता होने के बाद 27 जून को उनकी दुकान के शटर के नीचे उन्हें लेटर मिला। इसमें 3.60 करोड़ की फिरौती की मांग की थी। इसे अंबाला पहुंचाने की बात लिखी गई थी।

नौकर हरिओम के हाथों अंबाला पैसे भेजने को कहा गया था। मेरी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। उन्हें चार पत्र मिले। पहले पत्र के करीब एक सप्ताह बाद चार करोड़ की रकम देने, पुलिस में मामला न ले जाने की बात कहकर बच्चे को मार देने तक की धमकी भी मिली। दस दिन बाद दस करोड़ की डिमांड की गई।

पत्र समरहिल से पोस्ट किया गया था। विनोद ने कहा कि उन्हें फिर चार करोड़ देने, अन्य दो बेटियों को मारने तक की धमकियां मिली। पिता विनोद ने बताया कि पकड़े गए दो आरोपियों में एक करीब एक सप्ताह उनके साथ रहा, वह उनकी संपति के बारे में जरूरत से अधिक पूछताछ जरूर कर रहा था।
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