घुमारवीं में एक स्कूल शिक्षिका ने स्कूल के ही प्रधानाचार्य पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। इस संबंध में महिला शिक्षिका ने महिला आयोग और राज्य सरकार को शिकायत भेजी है। शिक्षिका का आरोप है कि स्कूल के प्रधानाचार्य उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। बुधवार को प्रधानाचार्य ने उन्हें भरी कक्षा में पागल तक कह दिया। जिसके बाद वह डिप्रेशन में चली गई है। डॉक्टरों ने भी शिक्षिका को आराम की सलाह दी है।
शिक्षिका ने बताया की वह चार अक्तूबर 2017 से भाषा शिक्षिका के पद पर कार्यरत है। प्रधानाचार्य अप्रैल 2018 से शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करते आ रहे हैं। वे बार-बार उसकी कक्षा बदलते रहते हैं। जिस कक्षा का पाठ्यक्रम वे करवाती हैं, उसे किसी अन्य शिक्षक को देकर उसका अनुभाग बदला जाता है।
शिकायतकर्ता ने कहा कि उसकी नियुक्ति हिंदी शिक्षिका के पद पर हुई है लेकिन प्रधानाचार्य दसवीं का सामाजिक अध्ययन करवाते हैं और उसके बाद छठी कक्षा का सामाजिक अध्ययन पढ़ाने का दबाव डालते हैं। अब उसे आठवीं कक्षा में अंग्रेजी माध्यम की सामाजिक अध्ययन करवाने को कहा जा रहा है। जबकि वह भाषा-शिक्षिका होने की वजह से अंग्रेजी और विज्ञान नहीं पढ़ा सकती। शिकायतकर्ता ने कहा कि उसकी अपनी कक्षा का परिणाम 100 फीसदी रहा है।
स्कूल के प्रधानाचार्य ने सभी आरोपों को मनगढ़ंत और निराधार बताया। उन्होंने कहा कि बुधवार को करियर काउंसलिंग का कार्यक्रम रखा गया था। जिसमें उक्त शिक्षिका की कक्षा से भी कुछ बच्चों को बुलाया गया। लेकिन उक्त शिक्षिका ने बच्चे नहीं भेजे। जब वह स्वयं कक्षा में पहुंचे तो शिक्षिका भड़क उठी। उन्होंने कहा कि स्कूल में कैमरे लगे हैं। जांच करने से सच सामने आ जाएगा।