वेंटिलेटर खरीद में धांधली की फर्जी शिकायत करने के मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद सीआईडी की क्राइम ब्रांच ने जांच तेज कर दी है। विभाग ने शिकायत करने के लिए इस्तेमाल की गई ईमेल आईडी के लॉगइन की पूरी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। इस संबंध में गूगल इंडिया से संपर्क साधकर जिस डिवाइस के जरिये मेल आईडी लॉगइन की गई है उसका आईपी एड्रेस मांगा है। गूगल से फिलहाल कोई जवाब नहीं आया है।
लेकिन माना जा रहा है कि गूगल से एड्रेस मिलने के बाद जांच टीम के हाथ उस शख्स तक पहुंच जाएंगे, जिसकी फर्जी शिकायत की वजह से वेंटिलेटर खरीद पर पीएमओ तक बात पहुंच गई थी। हालत यह हो गई थी कि स्वास्थ्य विभाग के बाद विभागीय मंत्री के तौर पर खुद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को प्रेस कांफ्रेंस कर स्पष्ट करना पड़ा था कि खरीद में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।
उन्होंने बाकायदा वेंटिलेटर की स्पेसिफिकेशन के साथ उसके रेट की जानकारी दी थी। दावा किया था कि हिमाचल ने नहीं, बल्कि हरियाणा ने हिमाचल से ज्यादा दाम पर वेंटिलेटर खरीदे थे। इसी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सीएम ने कहा था कि फर्जी शिकायत करने वाले को पकड़कर उसे उसकी गलत हरकत की सजा दिलाई जाएगी। इस बयान के बाद सीआईडी ने एफआईआर दर्ज कर एसआईटी को जांच का जिम्मा सौंप दिया है।