बैंकों से लिए गए ऋण, बिजली बोर्ड, ईपीएफ आदि मिलाकर कुल 6000 करोड़ रुपये के लगभग का हेरफेर सामने आया है। स्टेट सीआईडी में तीन एफआईआर दर्ज है। हाल ही में आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से माजरा थाना में दर्ज करवाई गई एफआईआर भी सीआईडी को ट्रांसफर हुई है।
मामले में सीआईडी ने कंपनी के निदेशकों में से एक को गिरफ्तार किया है। आबकारी एवं कराधान विभाग के सहायक आयुक्त जीडी ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों या विदेश में संपत्ति होने के चलते इसकी जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से करवाई जाना जरूरी है।
सिरमौर दौरे पर आए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने के संकेत दिए थे। हालांकि, उन्होंने साफ तौर पर नहीं कहा था। लेकिन, इतना जरूर कहा था कि मामला सीआईडी के पास है। सीआईडी की जांच रिपोर्ट मिलने के पश्चात ही इस पर आगामी फैसला लिया जाएगा।