हिमाचल के जिला मुख्यालय हमीरपुर में एक सरकारी स्कूल में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल (एनआईओएस) की परीक्षा दे रहे दो युवकों को स्कूल प्रशासन ने धर दबोचा, लेकिन दोनों आरोपी पुलिस के पहुंचने से पहले ही दीवार फांदकर फरार हो गए। स्कूल प्रशासन ने इसके बारे में एनआईओएस के क्षेत्रीय निदेशालय धर्मशाला और पुलिस थाना हमीरपुर में शिकायत दर्ज करवा दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बता दें कि वीरवार को हमीरपुर के एक सरकारी स्कूल में एनआईओएस के तहत बारहवीं कक्षा की हिंदी विषय की परीक्षा थी। यह परीक्षा दोपहर दो बजे से सायं पांच बजे तक थी। इसमें प्रदेश भर से 15 परीक्षार्थी परीक्षा देने आए थे। इसी दौरान परीक्षा पर्यवेक्षक की नजर एक परीक्षार्थी के एडमिट कार्ड पर पड़ी। पर्यवेक्षक ने देखा कि परीक्षार्थी का चेहरा एडमिट कार्ड पर लगी फोटो से मेल नहीं खा रहा।
इस पर पर्यवेक्षक ने परीक्षार्थी को अपना अन्य कोई पहचान पत्र दिखाने के लिए कहा। इसी दौरान परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र से दोड़ता हुआ बाहर आया और स्कूल की दीवार फांदकर फरार हो गया। इसके बाद दो अन्य परीक्षार्थियों को भी पूछताछ के लिए खड़ा किया तो एक अन्य का एडमिट कार्ड भी चेहरे से मेल नहीं खाया। इस दौरान स्कूल प्रधानाचार्य ने पुलिस थाना हमीरपुर को फोन कर मामले की सूचना दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने के दौरान एक अन्य परीक्षार्थी ने भी शौचालय जाने का बहाना बनाया और दीवार फांद कर भाग गया, जबकि तीसरे परीक्षार्थी की पहचान सही पाई गई।
कालका स्थित एक साइबर कैफे में परीक्षा के फार्म भरे गए थे। फरार हुए आरोपी युवक हरियाणा और दिल्ली के बताए जा रहे हैं। उधर, स्कूल प्रधानाचार्य सुनील चौहान ने कहा कि दो परीक्षा स्कूल में एनआईओएस के तहत 12वीं कक्षा की हिंदी की परीक्षा देने आए थे, लेकिन पूछताछ में पाया गया कि वह दोनों किसी और व्यक्ति की परीक्षा देने आए हुए थे। पुलिस के पहुंचने से पूर्व ही दोनों फरार हो गए। इस बारे में एनआईओएस के क्षेत्रीय निदेशक और पुलिस में शिकायत दी गई है।