इसी बीच, अभिभावकों ने उसे रसोई में गैस बंद करने के लिए कहा। पांच मिनट बाद भी जब वह रसोई से बाहर नहीं आया तो ध्रुव के पिता ने उसे आवाज लगाई। जवाब नहीं आया तो वे रसोई की तरफ गए।
उन्हें दरवाजा भीतर से बंद मिला। अनहोनी के अंदेशे पर दरवाजा तोड़ा तो भीतर ध्रुव फंदे से झूल रहा था। बच्चे को तुरंत फंदे से निकाल कर 108 एंबुलेंस सेवा को सूचित किया गया। रात को ही
आनन-फानन में उसे पांवटा सिविल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। अस्पताल में ध्रुव को मृत घोषित कर दिया गया। डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यही सामने आया है कि
बच्चे ने अपने मां-बाप के झगड़े से तनाव में आकर खुद को फंदा लगा लिया। उसके मां-बाप में पहले भी कहासुनी होती थी, जिसे लेकर वह परेशान रहता था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
सरस्वती विद्या मंदिर कमरऊ के प्रधानाचार्य पूरन चौहान के अनुसार ध्रुव ठाकुर का पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी अच्छा था। उसकी बड़ी बहन भी स्थानीय स्कूल में ही पढ़ती है। ध्रुव की मौत से स्कूल स्टाफ और स्कूल के बच्चे भी शोक में हैं।
घर में किसी बात को लेकर कहासुनी के बाद पंद्रह साल के किशोर फंदा लगाकर जान दे दी। उपमंडल शिलाई की डाहर जरवा पंचायत के केलवी गांव की इस घटना के कारणों की असल वजह को लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
प्रारंभिक जांच में घर में किशोर की परिजनों से कहासुनी की बात सामने आ रही है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के साथ ही जांच तेज कर दी है। जानकारी के अनुसार केलवी गांव में शुक्रवार सुबह 15 वर्षीय किशोर सुशील ने पेड़ से फंदा लगा लिया।
बताया जा रहा है कि घटना से पूर्व उसकी घर में परिजनों के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। हालांकि मामला क्या था, इसे लेकर पुलिस पड़ताल कर रही है।
पुलिस का कहना है कि पंद्रह वर्षीय सुशील पुत्र कृपाराम ने पिछले दिनों ही 10वीं की परीक्षा दी थी। रिजल्ट अभी आना था। शुक्रवार की सुबह सुशील को परिजनों ने घर नजदीक लगे पेड़ पर फंदे से झूलता हुआ देखा।
वे उसे अस्पताल ले गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। एएसपी वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि छात्र ने फंदा लगाया है। पुलिस इस मामले की तफ्तीश में जुटी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।