इंडियन टेक्नोमैक के आरटीजीएस घोटाले में सीआईडी की टीम ने दो और गिरफ्तारियां की हैं। इनमें एक कंपनी की पांवटा इकाई में यूनिट हेड रहा है, जबकि दूसरा ग्रुप ऑफ कंपनी का सेक्रेटरी बताया जा रहा है। दोनों को पांवटा अदालत में पेश किया गया।
अदालत ने दोनों को तीन दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। सीआईडी मामले की जांच कर रही है। गौरतलब है कि पांवटा के जगतपुर क्षेत्र में स्थित इंडियन टेक्नोमैक कंपनी के खिलाफ बिजली बिल के करोड़ों रुपये घपले की शिकायत दर्ज हुई थी।
इसमें आरोप था कि फर्जी तरीके से आरटीजीएस बिजली बोर्ड के पास जमा करवाई गई। इसमें करोड़ों रुपये बिल की राशि बिजली बोर्ड के अकाउंट में जमा करवाने की बात कही गई। लेकिन, कंपनी का महाघोटाला सामने आने के बाद बिजली बोर्ड के बिलों के करोड़ों रुपये घपले की भी बात सामने आई थी।
इसमें पाया गया था कि कंपनी ने फर्जी आरटीजीएस से बैंक के माध्यम से सरकार व बिजली बोर्ड को भी करोड़ों रुपये बिल राशि जमा नहीं करवाकर चूना लगाया।
इस मामले में सीआईडी टीम ने इंडियन टेक्नोमैक कंपनी के पूर्व स्थानीय यूनिट हेड टीसी विस्वाल और कंपनी सेक्रेटरी गौतम सेठ को गिरफ्तार किया है। उधर, एडिशनल एसपी सीआईडी शिमला वीरेंद्र कालिया ने पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि दोनों आरोपियों टीएस विस्वाल व गौतम सेठ को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। अदालत से दोनों का सोमवार तक का पुलिस रिमांड मिला है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।