पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम में कैश डालने जा रहे दो कर्मचारियों से लूटेरे 29 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए। मामला हिमाचल के सोलन जिले के बीबीएन क्षेत्र का है। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में लूटेरे एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं।
घात लगाकर बिना नंबर की बाइक पर बैठे बाइक सवार लूटेरों ने एटीएम में कैश डालने वाली एजेंसी के दो कर्मचारियों के हाथों से 29 लाख रुपये से भरा बैग छीन छीन लिया और सभी की आंखों में धूल झोंक फरार हो गए।
मामले के संज्ञान में आते ही बददी पुलिस ने चारों ओर नाकाबंदी कर दी है और सीमावर्ती इलाकों को सील बंद कर पड़ोसी राज्यों की पुलिस से संपर्क किया है।
लूटेरों ने पहले से ही कर रखी थी रेकी
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वीरवार दोपहर करीब पौने दो बजे की इस घटना से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। फिलहाल वारदात सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई है जिसे पुलिस खंगालने में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार बददी नालागढ़ हाईवे पर भुडड के समीप बददी यूनिविसिर्टी में पंजाब नेशनल बैंक का एटीएम है जिसमें रोजमर्रा की तरह एटीएम में कैश डाला जाता है।
एटीएम में कैश डालने के लिए प्राइवेट एजेंसियों के कर्मचारी आते हैं। दो कर्मचारी विजय और अजीत शर्मा बाइक पर सवार होकर बैग में 29 लाख रुपये लेकर एटीएम में डालने जा रहे थे। बताया जाता है कि लूटेरों ने इसके लिए पहले से ही रेकी की हुई थी और वह पहले से ही बद्दी विवि के गेट के पास खड़े थे।
जैसे दोनों कर्मचारी यहां कैश डालने आए तो बिना नंबर के बाइक पर पहले ही तैयार बैठे लूटेरों ने इनसे पैसों से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए। दोनों नकाबपोश थे और काले कपड़े पहन रखे थे। विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार पर लगे सीसीटीवी कैमरे में घटना कैद हो गई है जिसे पुलिस खंगालने में जुटी हुई है।
एजेंसी के लोग बिना किसी सिक्योरिटी के आए थे
डीएसपी बददी खजाना राम ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर चारों ओर नाकाबंदी कर दी है, वहीं पड़ोसी राज्यों की पुलिस से संपर्क कर लिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है और जल्द लूटेरे पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
एटीएम में कैश डालने वाली एजेंसियों के पास बाकायदा सुरक्षा उपकरणों व सुरक्षा कर्मियों से लैस वाहन होते हैं। लेकिन हैरत की बात यह है कि बददी विवि के एटीएम में पैसे डालने जा रहे कर्मचारी एक बाइक पर थे जिसमें न तो कोई सुरक्षा थी और इन्हें काबू करना भी आसान था।
ऐसे में एटीएम में पैसे डालने वाली इन एजेंसियों पर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। निहत्थे इन कर्मियों के पास सुरक्षा के कोई साधन नहीं थे और यह आए भी दोपहिया वाहन में थे जिन्हें लूटने वाले लूटेरे आसानी से अपना शिकार बना गए।