शादी के 14 महीनों के भीतर ही ससुराल वाले किरण को दहेज के लिए तंग करने लगे। उसे मनहूस जैसे शब्दों से प्रताड़ित करते रहते थे। प्रदेश हाईकोर्ट ने दहेज उत्पीड़न के मामले में दोषी शशि भूषण को 3 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया ने दोषी शशि भूषण के ससुर रमेश कुमार की अपील को मंजूर करते हुए यह सजा सुनाई।
मामले के अनुसार किरण बाला की शादी शशि भूषण के साथ ऊना जिला के धरगेरी गांव में 10 दिसंबर 2006 में हुई थी। शादी के 14 महीनों के भीतर ही किरण बाला ने 3 फरवरी 2008 को फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। किरण बाला के पिता रमेश कुमार ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कर बताया कि उसकी बेटी को उसके ससुराल वाले दहेज के लिए तंग किया करते थे। उसे मनहूस जैसे शब्दों से प्रताड़ित करते रहते थे। शशि बाला की सास, ससुर व ननद भी उससे सीधे मुंह बात नहीं करते थे।
उसने अपनी लड़की की मौत पर आशंका भी जताई थी कि उसकी बेटी की हत्या की गई है। मामले की जांच के बाद ट्रायल अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ऊना के समक्ष चलाया गया। निचली अदालत ने शशि भूषण को दहेज उत्पीड़न का दोषी तो ठहराया लेकिन उसे अपराधी की परिवीक्षा का लाभ देते हुए छोड़ दिया था। सरकार ने इस फैसले को हाईकोर्ट में कोई चुनौती नहीं दी।
मजबूरन किरण बाला के पिता व दोषी के ससुर ने हाईकोर्ट में अपील कर कड़ी सजा दिए जाने की गुहार लगाई थी। अपील को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने दोषी को 3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए कहा कि दोषी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है इसलिए अपराधी को परिवीक्षा का लाभ देना न्यायसंगत नहीं होगा।