स्पेशल जज-2 शिमला अपर्णा शर्मा की अदालत ने शनिवार को चरस तस्करी मामले में दोषी को दस साल की सजा और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषी रामेश्वर शर्मा शिमला के सब तहसील जुन्गा का रहने वाला है।
इसे महिला थाना बीसीएस की टीम ने 31 जनवरी 2016 रात्रि गश्त के दौरान बीसीएस में चरस के साथ पकड़ा था। पुलिस टीम ने जब उसे रोका और उसकी पीठ पर रखे बैग की चेकिंग की तो उसमें से दो किलो दो सौ ग्राम चरस बरामद की थी।
महिला थाना बीसीएस में इसके खिलाफ चरस तस्करी का (एनडीपीएस एक्ट के तहत) का मामला दर्ज किया था। अदालत में इस मामले की पैरवी न्यायवादी भगवान सिंह नेगी ने की। इसमें उन्होंने आरोपी के पकड़े जाने के समय मौजूद दस गवाहों के आधार पर तथ्यों को अदालत के समक्ष रख कर आरोप साबित किए।