विशेष न्यायाधीश चंबा राजेश तोमर ने नशीली दवाएं बेचने के मामले में आरोपी केमिस्ट को दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा व एक लाख जुर्माना लगाया है। आरोपी संजय कुमार निवासी गांव हरिपुर डाकघर सरोल के खिलाफ पिछले वर्ष से चंबा कोर्ट में केस चल रहा था।
शनिवार को मुख्य न्यायाधीश राजेश तोमर ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना करना होगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 मई 2018 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि उपरोक्त केमिस्ट अपनी दुकान में वर्जित दवाओं को अवैध रूप से बेचने का कारोबार करता है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने संजय मेडिकल स्टोर में अपनी दबिश दी।
दबिश के दौरान पुलिस को उसकी दुकान के अंदर रखी एक पेटी में प्रतिबंधित दवाइयां बरामद हुई। जिसे वह अवैध रूप से बेचने का कारोबार करता था। इन दवाइयों का इस्तेमाल युवा नशा करने में कर रहे थे।
पुलिस ने मौके पर मिले सबूतों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। साथ ही दुकान में मिली प्रतिबंधित दवाओं को भी जब्त कर लिया। पुलिस ने मामले में आगामी जांच करते हुए आरोपी के घर में भी अपनी दबिश थी। क्योंकि, आरोपी ने घर में भी दवाओं का स्टोर रखा हुआ था।
घर में दबिश देने पर पुलिस को आरोपी के घर से 1770 टैबलेट अल्ट्रा टैस, 800 टैबलेट ट्राम पास, 730 टैबलेट ट्रैवॉन -50, 1600 टैबलेट एल्प्राजोलम, 580 टैबलेट टेन्सिविन अल्प्राजोलम और 50 टैबलेट निकोडोल प्लस बरामद किए गए।
इसलिए आरोपी के खिलाफ वर्तमान मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में अभियोजन का संचालन विजय रेहलिया जिला अटॉर्नी चंबा द्वारा किया गया।