एडिशनल सेशन जज-एक शिमला राजेश तोमर की अदालत ने चरस तस्करी के एक मामले में दोषी को दस साल का कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। शनिवार को अदालत ने यह फैसला सुनाया। इस केस में अभियोजन पक्ष की ओर से पब्लिक प्रोसीक्यूटर अनूप शर्मा और हरीश नेगी ने मामले की पैरवी की।
इस मामले में चरस तस्करी के दोषी विक्रम सिंह को सजा सुनाई गई है। मामले में सात मई 2015 को पुलिस थाना छोटा शिमला पुलिस ने गश्त के दौरान राम चंद्रा चौक पर नवबहार की ओर से हाथ में बैग उठाकर आ रहे एक व्यक्ति को तेजी से जाते देखा। उसे रोकने पर पुलिस ने उसके बैग की चेकिंग की।
बैग से 2 किलो 900 ग्राम चरस बरामद की। पुलिस टीम ने आरोपी को चरस के साथ पकड़ कर थाने पहुंचाया जहां उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। मामले की छानबीन पूरी कर अदालत में चालान पेश किया। अदालत ने विक्रम को चरस तस्करी का दोषी करार देते हुए दस साल के कठोर कारावास और एक लाख के जुर्माने की सजा सुनाई।