नाहन की अदालत द्वारा टेक्नोमैक घोटाले के मुख्य आरोपी व कंपनी के एमडी राकेश शर्मा के खिलाफ जारी किया गया असीमित समय का गैर जमानती वारंट अब इंटरपोल को भेज दिया है। इस वारंट के आधार पर अब इंटरपोल शर्मा के खिलाफ गिरफ्तारी तक रेड कॉर्नर नोटिस जारी करेगा। नोटिस जारी होने पर दुनिया के किसी भी देश में शर्मा को उस देश की पुलिस गिरफ्तार कर हिमाचल पुलिस को सूचना देगी जिसके बाद केंद्रीय विदेश मंत्रालय के जरिये प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
उल्लेखनीय है कि 4300 करोड़ के टेक्नोमैक घोटाले की जांच कर रही सीआईडी ने अब तक दोनों ही मामलों में दो दर्जन लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। यही नहीं, मामले में डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि भारत से राकेश ने आखिरी बार दुबई की यात्रा की थी और इसके बाद वह वहां पर छह महीने के लिए धोखाधड़ी के एक मामले में जेल भी गया।
चूंकि इस यात्रा के बाद भारत से जारी पासपोर्ट कभी इस्तेमाल नहीं हुआ, ऐसे में माना जा रहा है कि वह अब भी दुबई में है। चूंकि गिरफ्तार हो चुके कंपनी के अधिकारियों ने दुबई व दक्षिण अफ्रीका में होने की संभावना जताई है और बिना इंटरपोल की मदद के गिरफ्तारी संभव नहीं थी। इसलिए सीबीआई के जरिये सीआईडी ने इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस के लिए संपर्क साधा है।
पहले फंस गया था पेच
सीआईडी ने पहले रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए इंटरपोल से संपर्क किया लेकिन उस समय नोटिस जारी करने में कोर्ट द्वारा सिर्फ तीन महीने के लिए जारी किया गया एनबीडब्ल्यू वारंट अड़चन बन गया था। इंटरपोल को असीमित समय का वारंट चाहिए था जिसके आधार पर वह असीमित समय के लिए नोटिस जारी कर सके। इसी वजह से नोटिस जारी होने की प्रक्रिया अटक गई थी। अब कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद इंटरपोल गिरफ्तारी होने तक का रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर देगा।