हिमाचल प्रदेश में वैट रिटर्न वापस लेने के नाम पर जबर्दस्त खेल चल रहा है। इस गोरखधंधे से कई कारोबारी प्रदेश सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। आलम यह है कि सीमेंट बेचकर तंबाकू उत्पाद पर वैट रिटर्न वापस लिया गया। आबकारी एवं कराधान महकमे ने ऊना जिले में ऐसी ही एक बड़ी चोरी पकड़ी है, जिसकी गंभीरता से पड़ताल शुरू कर दी गई है।
ऊना जिले में एक कंपनी सीमेंट बेचकर तंबाकू उत्पाद पर रिटर्न वापस ले रही थी। इसकी पुष्टि प्रदेश आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी ने की है। राज्य में तंबाकू उत्पाद पर 36 प्रतिशत और सीमेंट उत्पाद पर महज 13.75 प्रतिशत वैट लिया जाता है। ऐसे में एक कंपनी की ओर से सीमेंट बेचने के नाम पर तकरीबन 22 फीसदी वैट वापस लिया जा रहा था।
यह गोरखधंधा लंबे समय से प्रदेश के विभिन्न इलाकों में चल रहा था, लेकिन मामला पकड़ में नहीं आ रहा था। इसके जरिये कई कारोबारियों द्वारा प्रदेश सरकार को करोड़ों रुपये राजस्व का चूना लगाया जा रहा था। पिछले माह ही यह मामला आबकारी एवं कराधान विभाग के अफसरों की पकड़ में आया।
इसकी जांच शुरू कर दी गई है। विभाग की ओर से आंकलन किया जा रहा कि उक्त कंपनी की ओर से अब तक कितने लाख या करोड़ रुपये सरकार को चूना लगाया जा चुका है। इस कंपनी की ओर से तंबाकू और सीमेंट बिजनेस किया जा रहा था, लेकिन सरकार को चूना लगाने के लिए तंबाकू उत्पाद के नाम पर सरकार से धन वापस लिया जा रहा था।
ऊना जिले में वैट रिटर्न के नाम पर खेल चल रहा था। इसका मामला प्रकाश में आया है। इसकी पड़ताल शुरू कर दी गई है।
प्रकाश चौधरी, आबकारी एवं कराधान मंत्री