तारादेवी वन कटान का मास्टर माइंड अमृतसर में छिपा बैठा है। इसके मोबाइल की आखिरी टावर लोकेशन अमृतसर की मिली है। पुलिस की एक टीम उसकी तलाश में अमृतसर में डटी हैं। इसकी गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरे मामले से पर्दा उठ पाएगा।
आरोपी ने कैसे सत्ता के गलियारों और सरकारी महकमों में पहुंच रखने वाले लोगों को अपने प्रभाव में लेकर इस कृत्य को अंजाम दिया। किसके साथ कितना लेन देन हुआ और इस साजिश में उसके साथ और कौन कौन शामिल रहा है?
इस तरह के कई सवालों के जवाब आरोपी से पुलिस को चाहिए। आरोपी एक बड़ा होटल व्यवसायी है। चंडीगढ़ के अलावा धर्मपुर (सोलन) में भी इसके होटल हैं। तारादेवी में भी होटल निर्माण के लिए ही आरोपी ने 477 पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला दी लेकिन मीडिया में खबरें आने के बाद उसकी योजना पर फिलहाल पानी फिर गया। मौजूदा समय में पुलिस गिरफ्तारी से बचने के लिए भागा भागा फिर रहा है।
पांच अफसर हो चुके हैं सस्पेंड
इस मामले में पुलिस स्टेशन बालूगंज में मुकदमा दर्ज है। मामले के खुलासे के बाद वन महकमे के डीएफओ से लेकर गार्ड तक पांच लोग सस्पेंड किए गए हैं। कंजरवेटर का तबादला किया गया। कानूनगो को भी निलंबित किया गया है।
पुलिस की अगुवाई में जमीन की डिमर्केशन की गई। रिपोर्ट में एक पेड़ का कटान सरकारी भूमि में दिखाया गया है। बाकी पेड़ निजी भूमि से काटे गए हैं। अधिकांश काटी गई लकड़ियां तारादेवी मंदिर में रखी गई है। वहां इसे किसने रखा इस बिंदु पर भी जांच चल रही है।
पुलिस ने इस मामले में प्रवीण नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया था इसके नाम से वन महकमे ने डैमेज रिपोर्ट काट रखी है। अब सवाल यह भी है कि आखिर वन महकमे ने प्रवीण के नाम से कोई डीआर काटी जबकि उसका इस जमीन से कोई लेना देना नहीं था। लिहाजा अब पूर जांच मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी है।
आ गई डिमार्केशन की रिपोर्ट
तारादेवी में हुए वन कटान मामले पर जिला प्रशासन के आदेशों पर नायब तहसीलदार की अगुवाई में राजस्व विभाग की हुई डिमार्केशन की रिपोर्ट वन विभाग को मिल चुकी है। इस मामले में काटे गए कुल 477 पेड़ों में सिर्फ एक बान का पेड़ वन भूमि पर कटा पाया गया।
मामले के तुल पकड़ने और इस पर हंगामा होने के बाद सरकार के आदेशों पर राजस्व विभाग ने उक्त स्थान की डिमार्केशन पिछले सप्ताह करवाई। पुलिस और वन विभाग को इस रिपोर्ट के आने का इंतजार था। अब जबकि रिपोर्ट आ चुकी है, तो वन और मामले की जांच कर रहा पुलिस विभाग इस रिपोर्ट के आधार पर ही आगामी कार्रवाई अमल में लाएगा। वन मंडलाधिकारी शिमला टैरेटरी रमन शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भजन देव नेगी ने कहा कि आरोपी अमृतसर में कहीं छिपा बैठा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। उसके गिरफ्त में आने के बाद ही इस पूरे मामले से पर्दा उठ पाएगा। आरोपी प्रवीण से फिलहाल पूछताछ नहीं हुई है। उसका आपरेशन हुआ है। जरूरत पड़ने पर उसे बुलाया जाएगा।