उसने बताया कि कुछ देर तक आरोपी वहीं पर रहे और किसी से फोन पर बातें करते रहे, लेकिन फिर अचानक उसे छोड़ कर भाग निकले। वो तीन घंटे बाद लगभग 10 बजे सरकता हुआ थोड़ा रास्ते की तरफ पहुंचा।
वहां पशु चरा रही बुजुर्ग महिला ने उसे देखा। स्कूल प्रशासन ने नाटकीय आपबीती सुनने के बाद घटना की पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दी। कुछ देर बाद पंचायत पदाधिकारी भी चौकी पहुंच गए। एक पुलिस अधिकारी की अगुवाई में घटनास्थल पर पुलिस टीम पहुंची और बयान लेना शुरू कर दिए।
पुलिस के समक्ष जब छात्र बार-बार बयान बदलने लगा तो पुलिस अधिकारी को शक हुआ। जब उन्होंने उसका पिछला स्कूल रिकॉर्ड देखा तो पाया कि छात्र अक्सर स्कूल से नदारद मिला। इस पर पुलिस ने थोड़ी सख्ती से सच बताने के लिए कहा तो उसने सब कुछ उगल दिया।
अपने अपहरण का झूठा नाटक करने की गलती भी मान ली। साथ ही भविष्य में इसे न दोहराने की बात की। पुलिस और स्कूल प्रशासन को इस छात्र ने खूब छकाया, जहां अन्य बच्चों की पढ़ाई कुछ हद तक खराब हुई, वहीं पुलिस को भी माथापच्ची करनी पड़ी।
एसएचओ सुशील कुमार का कहना है कि शुक्रवार को पुलिस को एक सरकारी स्कूल के छात्र को दो युवकों द्वारा सुनसान जगह पर ले जाकर बांधने की शिकायत मिली थी। इसकी छानबीन की। पुलिस जांच में छात्र ने झूठा नाटक करने की गलती कबूल ली। थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस ने उसके भविष्य को ध्यान में रखते छोड़ दिया।