शिमला के कोटखाई में दसवीं की छात्रा से दुराचार कर उसे मौत के घाट उतारने वाले आरोपी युवक पकड़े गए हैं। हिमाचल पुलिस ने छह आरोपियों को शिमला के कोटखाई से गिरफ्तार कर लिया है।
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आरोपियों की पहचान कोटखाई निवासी आशीष चौहान, राजेंद्र सिंह राजू, गढ़वाल निवासी सुभाष और दीपक उर्फ दीपू, नेपाल निवासी सूरज व लोकजन के तौर पर हुई है। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। इनमें से पांच युवकों ने छात्रा से दुराचार किया है जबकि आशीष चौहान सब कुछ जानते हुए भी पुलिस को गुमराह कर रहा था।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है। डीजीपी सोमेश गोयल ने मामले का खुलासा करते हुए कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत है और इनसे गहन पूछताछ चल रही है।
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आरोपियों ने कबूला ऐसे अंजाम दी थी पूरी वारदात
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार बुधवार को पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया। उसने इस मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम मदद की।
बताया कि यह छात्रा कई बार राजेंद्र सिंह उर्फ राजू की गाड़ी में लिफ्ट लेती थी। वारदात वाले दिन भी यह इसकी गाड़ी में देखी गई।
तीन युवकों ने की छात्रा से दरिंदगी
पुलिस के अनुसार आरोपी राजेंद्र कुमार स्प्रे करने वाली मशीन लेकर कहीं जा रहा था। इसके साथ चार और दोस्त भी थे। इसी दौरान इसने छात्रा को देख लिया। गाड़ी रोककर अपने साथ लिफ्ट देने की बात की।
वहीं, छात्रा भी इसे पहले से जानती थी तो इसके साथ बैठ गई। राजेंद्र ने पिकअप गाड़ी में आगे बैठे दोनों दोस्तों को भी पीछे बैठने को कहा जबकि छात्रा को अपने पास आगे बिठा लिया।
सुनसान इलाके में रोकी गाड़ी, छात्रा को घसीटा
पूछताछ में युवकों ने कबूल किया कि उन्होंने एक सुनसान जगह पर गाड़ी को रोक दिया। फिर पांचों गाड़ी से नीचे उतर गए। थोड़ी दूर आगे जाकर आपस में बात की कि ये फायदा उठाने का अच्छा मौका है।
प्लान बनाने के बाद पांचों ने जबरदस्ती छात्रा को गाड़ी से घसीटकर बाहर निकाल लिया। इससे छात्रा के कपड़े तक फट गए। मगर दरिंदों ने कोई रहम नहीं किया। इसके बाद इसका मुंह दबाकर सड़क के पास जंगल में ले गए।
जांच में आरोपियों ने बताया कि जंगल में बारी बारी पांचों युवकों ने उसके साथ दुराचार किया। छात्रा रहम की भीख मांगती रही। मगर आरोपी नहीं माने। इसी दौरान उसका गला तक आरोपियों ने दबा डाला। इससे उसकी मौत हो गई।
आरोपी यहीं उसे फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने कॉल डिटेल और पूछताछ के जरिए इनका सुराग लगाया। पुलिस बाकी आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। सभी को पुलिस रिमांड के लिए पेश किया जाएगा।