सिरमौर के पांवटा साहिब में मेलियों स्थित धार्मिक स्थल में 40 पवित्र किताबें जलाने के मामले में अभी एक भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। बीते रविवार देर रात हुई घटना के बाद एक समुदाय के लोगों को तीन दिन के भीतर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का आश्वासन देकर शांत तो करवा दिया लेकिन पुलिस के हाथ अभी खाली हैं।
मामले की जांच के लिए डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान की अगुवाई में एसआईटी गठित की गई है। मंगलवार को एसआईटी ने 70 लोगों के फिंगर प्रिंट लेकर मिलान के लिए शिमला के भराड़ी भेजे हैं। देहरादून पांवटा से नाहन जाने वाले एनएच-7 के मेलियों में आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
एनएच पर धार्मिक स्थल से कुछ दूरी पर एक होटल में रविवार रात हुई बर्थडे पार्टी में शिरकत करने वाले लोगों से पूछताछ की गई है। करीब 40 से 50 पुलिस कर्मियों को क्षेत्र में रात्रि गश्त को तैनात किया गया है। खुफिया एजेंसी, एसआईयू और सुरक्षा शाखा टीम भी इस मामले में सहयोग कर रही हैं।
आरोपियों तक पहुंचने के लिए एसआईटी के पास अब मंगलवार और बुधवार तक का समय है। डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान ने कहा कि एसआईटी गठित हुई है जो पांवटा क्षेत्र के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को रात्रि गश्त में भी तैनात रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि मेलियों मामले के आरोपी शीघ्र सलाखों के पीछे होंगे।
यह है मामला
बीते रविवार देर रात मेलियों स्थित धार्मिक स्थल में रखीं 40 पवित्र किताबें जला दी गईं। सुबह जैसे ही पता चला तो सैकड़ों लोग धार्मिक स्थल पर जुट गए। आक्रोशित लोगों ने देहरादून-पांवटा नेशनल हाईवे पर टायर जलाकर दो घंटे तक चक्का जाम कर दिया।
डीसी, एसपी और डीएसपी मौके पर पहुंचे। तीन दिन में दोषियों को पकड़ने के आश्वासन के बाद गुस्साए लोग शांत कराए गए और हाईवे बहाल किया। करीब छह घंटे तक क्षेत्र में तनाव का माहौल बना रहा। एक माह के भीतर पांवटा में तीसरी बार ऐसी वारदात सामने आई है।