फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस कस्टडी से भागा हत्यारोपी छह साल बाद गिरफ्तार

Tue, 07 Aug 2018 05:57 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पांवटा साहिब (सिरमौर)
विज्ञापन
विज्ञापन

छह साल पहले हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस कस्टडी से फरार हुए शातिर को पुलिस दबोच लिया है। आरोपी दिल्ली में अपना हुलिया और पहचान बदलकर रह रहा था। पांवटा के एक धार्मिक स्थल में हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पिकअप लेकर भाग गया था। गिरफ्तारी के बाद पेशी के दौरान वह पुलिस कस्टडी फरार हो गया। इस मामले में 2 कांस्टेबल 11 माह की सजा काट चुके हैं।

विज्ञापन


पांवटा पुलिस थाना में वर्ष 2012 में आईपीसी की धारा-302, 382 व 34 के तहत मामला दर्ज हुआ था। आरोपी सविंद्र सिंह उर्फ मिंटू ने उत्तराखंड से किराये पर पिकअप ली। रात को पांवटा के धार्मिक स्थल पर चालक के साथ रुका और उस की हत्या कर दी। आरोपी ने कमरे में ताला लगाया और वाहन चोरी करके फरार हो गया। इस मामले का खुलासा तब हुआ था, जब पंजाब पुलिस ने आरोपी को चेकिंग के दौरान चोरी किए वाहन समेत दबोचा।

पंजाब पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा-411 में मामला दर्ज किया था। पूछताछ में आरोपी ने पांवटा में हत्या करने का भी खुलासा किया। जिसके बाद पंजाब पुलिस आरोपी को पांवटा लेकर पहुंची। जांच टीम ने कमरा खुलवाया तो देखा की भीतर शव पड़ा हुआ था। इसके बाद पंजाब पुलिस ने आरोपी को हत्या मामले में हिमाचल पुलिस के हवाले कर दिया। लेकिन हत्या आरोपी सविंद्र सिंह उर्फ मिंटू पुलिस कस्टडी से फरार हो गया।
विज्ञापन


जिसके बाद जिला पुलिस के 2 एचएचसी को लापरवाही के मामले में करीब 11 माह कैद काटनी पड़ी थी। उधर, एसपी सिरमौर रोहित मालपानी ने बताया कि वर्ष 2012 में पांवटा हत्याकांड का आरोपी को दिल्ली से दबोच लिया गया है। आरोपी पुलिस कस्टडी से फरार हुआ था। वह दिल्ली में हुलिया बदल कर रह रहा था। हत्या मामले की पुलिस टीम फिर से जांच में जुट गई है।   

जिला सिरमौर के एसपी रोहित मालपानी ने जनवरी 2018 में भगौड़े हत्या आरोपी को दबोचने के लिए पीओ सेल टीम गठित की थी। जिसमें मुख्य आरक्षी कल्याण सिंह, कृष्ण भंडारी, आरक्षी शाहिद अली, सुरजीत सिंह व साइबर सेल से आरक्षी अमरेंद्र व सुरेंद्र सिंह को शामिल किया गया। एसपी सिरमौर के दिशा निर्देशानुसार पुलिस टीम ने दो माह में उसे गिरफ्तार कर लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें