गुड़िया दुराचार और हत्या मामले से जुड़े लॉकअप प्रकरण में निलंबित आईजी, एसपी समेत नौ पुलिस वालों की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ गई है। 25 नवंबर को इन पुलिस वालों को सुबह दस बजे दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।
उधर, सीबीआई इस मामले का चालान कभी भी अदालत में प्रस्तुत कर सकती है। इनके खिलाफ आरोपपत्र लगभग तैयार बताया जा रहा है।
लॉकअप मामले में निलंबित चल रहे आईजी जहूर एच जैदी, एसपी डीडब्ल्यू नेगी, डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई के पूर्व थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह समेत नौ पुलिस वालों को वीरवार को अदालत में पेश किया गया।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रणजीत सिंह की अदालत ने इन सभी की न्यायिक हिरासत को 25 नवंबर सुबह 10 बजे तक के लिए बढ़ा दिया है।
कंडा जेल में बंद हैं सभी पुलिसवाले
इनमें से जैदी, जोशी समेत आठ पुलिस वालों को सीबीआई ने तीन महीने पहले गिरफ्तार किया। गुड़िया प्रकरण के दौरान जिला शिमला के एसपी रहे डीडब्ल्यू नेगी को गिरफ्तार किए हुए हफ्ते भर का समय हुआ है। वह भी सीबीआई के रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत पर चल रहे हैं।
कोटखाई के दांदी जंगल में दसवीं कक्षा की छात्रा गुड़िया की लाश छह जुलाई को निर्वस्त्र हालत में पड़ी मिली थी। इस मामले की पुलिस जांच में जिन आरोपियों को पकड़ा गया, उनमें से एक की पुलिस कस्टडी में हत्या कर दी गई।
पुलिस ने हत्या का आरोप दूसरे आरोपी के सिर मढ़ा। बाद में सीबीआई ने जांच में पाया कि पुलिस ने झूठा केस बनाया। इसी पर पुलिस वालों को आरोपी बनाया गया है। न्यायिक हिरासत में ये पुलिस वाले कंडा जेल में बंद हैं।
वॉयस सैंपल लेने पर भी टली सुनवाई
सीबीआई ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में निलंबित आईजी जहूर एच जैदी समेत अन्य पुलिस वालों के वॉयस सैंपल लेने की भी अरजी दी है।
इस अरजी पर सुनवाई के लिए वीरवार को आरोपियों के वकील कोर्ट में पेश नहीं हुए। बार काउंसिल की एक्जीक्यूटिव की अनुमति नहीं मिलने के कारण वे तीसरी बार भी सुनवाई में नहीं गए। अब इस मामले की सुनवाई भी 25 नवंबर को ही होगी।