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शिमला पेड़ कटान मामला, सहायक कंजरवेटर और डीएफओ से दो घंटे तक पूछताछ

Sat, 03 Feb 2018 12:45 PM IST
दीपक मेेहता, अमर उजाला, शिमला
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कोटी पेड़ कटान मामले में  पुलिस थाना ढली में वन महकमे के डीएफओ अमित शर्मा और सहायक कंजरवेटर अधिकारी ओमप्रकाश चंदेल से दो घंटे तक पूछताछ की गई। कंजरवेटर नागेश गुलेरिया थाना नहीं पहुंचे। वे शिमला शहर से बाहर थे। वीरवार को पुलिस जांच में शामिल होंगे। 

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डीएसपी सिटी दिनेश शर्मा ने दोनों अधिकारियों से करीब दो घंटे तक अलग-अलग कमरों में सरकारी भूमि से वन कटान मामले में तहकीकात की। वन खंड अधिकारी विक्की चौहान, रेंज अधिकारी अनु ठाकुर, तत्कालीन गार्ड पवन सहित कोटी बीट के पूर्व गार्ड हरि सिंह सहित आरोपी भूपराम से भी करीब पांच घंटे तक पूछताछ की गई।

पुलिस ने वन कर्मियों को क्रॉस एग्जामिन किया। पुलिस जांच में शामिल होने के बाद डीएफओ अमित शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विभाग के निचले स्तर पर हो सकता है कि मामले में कोई लापरवाही हुई हो, लेकिन कोई अधिकारी मामले में संलिप्त नहीं।
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वन विभाग ने अवैध कटान को लेकर दी ये जानकारी

एएफओ ओमप्रकाश चंदेल ने बताया कि  पुलिस को वन विभाग की कटान मामले की प्रारंभिक जांच के बारे में बताया गया। लकड़ियों की गिनती, संख्या और कहां से बरामद हुई सहित विस्तृत जांच की जानकारी दी गई।

ढली पुलिस ने कोटी वन रेंज पेड़ मामले में मंगलवार को वन महकमे के एसीएफ, डीएफओ सहित पांच लोगों को हुक्मनामा जारी किया था। बुधवार को वन महकमे के एसीएफ और डीएफओ सुबह साढ़े दस बजे थाना ढली पहुंचे। इनके साथ बीओ, आरओ, तत्कालीन गार्ड सहित पूर्व गार्ड और आरोपी भी पहुंचे।

पुलिस ने सबसे पहले डीएफओ अमित कुमार और एसीएफ ओम प्रकाश चंदेल से पूछताछ की।करीब साढ़े बारह बजे दोनों अधिकारी पुलिस थाने से बाहर आए। डीएसपी सिटी दिनेश शर्मा ने कहा कि पुलिस हर पहलू पर काम कर रही है। इन्हें फिर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।  

आरोपी बोला - विभाग को थी पूरी जानकारी

वन कटान मामले के आरोपी भूपराम ने बताया कि उसे राजनीतिक षड्यंत्र में फंसाया गया है। इतनी संख्या मेें पेड़ काटते वक्त वन महकमा कहां था? भूपराम ने वन विभाग पर आरोप लगाया कि अधिकारियों को पेड़ कटान मामले की पहले से पूरी जानकारी थी। कई लोग मेरे क्रशर को वहां नहीं लगने देना चाहते थे। इसके चलते उन्होंने मामले में मुझे फंसाया है।

हफ्ते में एक बार करते थे मुआयना
पूर्व फॉरेस्ट गार्ड हरि सिंह ने बताया कि जून से दिसंबर तक हफ्ते में एक बार रात को गश्त करते थे। वन कटान मामले की जानकारी नहीं लगी। मार्च में आरओ ने भी उपरोक्त जगह का मुआयना किया, उस समय तक सब ठीक था। चार लोगों की टीम करीब छह महीने तक कोटी से जनेवघाट के जंगलों में गश्त लगाती थी, लेकिन वन कटान का कोई पता नहीं चला।
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काटे गए पेड़ कहां से हुए बरामद

बीओ विक्की चौहान ने बताया कि पेड़ों के काटने की जानकारी कब मिली, सूचना किसने दी, कितने पेड़ काटे गए, काटे गए पेड़ कहां से बरामद हुए, कितने लोगों के घरों में लकड़ी बरामद हुई, कितने स्लीपर बरामद किए इस बारे में पूछताछ हुई।

कब चला पेड़ कटान का पता
गार्ड पवन कुमार ने बताया कि पुलिस ने उनसे पूछा कि पेड़ कटान की सूचना कब मिली, मौके पर क्या देखा, पेड़ कटान की सूचना सबसे पहले किसको दी और कोटी रेंज कब ज्वाइन की के अलावा कुछ और सवाल भी किए। 
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