ज्वालामुखी में जिप सदस्य रितु पराशर और उसके तीन बच्चों की मौत के रहस्य से तीसरे दिन भी पर्दा नहीं उठा। पुलिस को उम्मीद थी कि मायके पक्ष से कुछ सुराग मिल सकते हैं, लेकिन मृतका की मां ने किसी पर शक जाहिर नहीं किया है। मृतका के मायके पहुंची पुलिस टीम रविवार को खाली हाथ लौट आई।
परिजनों के बयान कलमबद्ध किए गए हैं। उन्होंने कोई भी शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। ज्वालामुखी पुलिस थाना प्रभारी संदीप ने बताया कि टीम ने रविवार को रितु पराशर के मायके में उसकी मां पुष्पा भारद्वाज, बहनों नीतू और निधि के बयान लिए। पुष्पा भारद्वाज ने बताया कि उनकी बेटी रितु उन्हें हर रोज दो-तीन बार फोन करती थी।
उसने किसी भी मानसिक परेशानी के बारे में नहीं बताया और ससुराल में भी किसी प्रकार के लड़ाई-झगड़े की कोई बात नहीं कही। उन्हें किसी पर कोई भी शक नहीं है। वह इससे काफी आहत हैं। उनके दोहते-दोहतियों के साथ अपनी बेटी को भी इस घटना में खो दिया है। यह पीड़ा उनके लिए असहनीय है। संदीप ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। ससुराल समनोली में भी कई नजदीकियों से पूछताछ की जा रही है।
जिस होटल में वह ठहरी थी, उसे भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। बताया तो यह भी जा रहा है कि रितु पराशर अकसर यह कहती थी कि वह राजनीति के लिए नहीं बनी है। इस पर भी इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्माया रहा है। डीएसपी कुलदीप कुमार ने बताया कि पुलिस हर पहलु की बारीकि से जांच कर रही है। उम्मीद है जल्द सच्चाई सामने आएगी।