शहर में नर्सिंग की छात्रा के साथ चलती कार में दुराचार की घटना का पता चलते ही डीआईजी आसिफ जलाल सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे पुलिस टीम के साथ आईजीएमसी अस्पताल पहुंचे। इनके साथ एसपी ओमापति जमवाल और ढली थाना के प्रभारी भी मौजूद रहे।
पीड़ित छात्रा का अस्पताल में मेडिकल चल रहा था। मेडिकल के बाद तुरंत छात्रा को अस्पताल के स्पेशल वार्ड के कमरा नंबर 633 में ले जाया गया। यहां आईजी ने खुद छात्रा से इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
सूत्रों के अनुसार बयान दर्ज करवाने के वक्त भी छात्रा काफी सहमी हुई थी। डीआईजी ने भरोसा दिलाया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस छात्रा का पूरा सहयोग करेगी। पूछताछ के दौरान इस कमरे को सील कर दिया था।
अस्पताल कर्मियों को भी यहां जाने की अनुमति नहीं दी गई। डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में पीड़ित छात्रा के बयान लिए गए। सुबह करीब छह बजे ढली पुलिस की एक टीम छात्रा को मेडिकल के लिए आईजीएमसी लेकर पहुंची थी। बाकायदा डीआईजी ने फोन कर अस्पताल में डॉक्टरों की टीम को मौजूद रहने को कहा था ताकि जल्द मेडिकल करवाया जा सके।
मामले की जांच में देरी न हो, इसके लिए अस्पताल परिसर में ही युवती के बयान लिए गए। पुलिस के अनुसार मेडिकल में छात्रा के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। फिलहाल छात्रा की हालत स्थिर बताई जा रही है।