पंजाब के पूर्व डीजपी केपीएस गिल की कोठी की सुरक्षा में तैनात पंजाब पुलिस के जवान पर एक स्कूल में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी ने दुराचार के आरोप जड़े हैं। डीजीपी की रामशहर में कोठी है।
पुलिस ने दुराचार का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 42 वर्षीय पंजाब पुलिस का जवान चंडीगढ़ में कार्यरत है। उसकी ड्यूटी सुरक्षा गार्द में लगी है।
पीड़ित 24 वर्षीय महिला ने पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि वह स्कूल से छुट्टी करने के बाद वह वापस घर मटोली जा रही थी।
लिफ्ट देकर किया दुराचार
महिला का कहना है कि इस दौरान उसे मटोली में पंजाब के पूर्व डीजीपी केपीएस गिल के घर पर तैनात पंजाब के जवान ने अपनी गाड़ी में लिफ्ट दी। वह उसके साथ गाड़ी में बैठ कर घर के लिए रवाना हुई लेकिन 42 वर्षीय जवान ने उसके साथ मौके का फायदा उठाकर दुराचार किया।
एसपी जी शिवा कुमार ने बताया कि पुलिस ने महिला के बयान पर उसका मेडिकल कराने के बाद धारा 376 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की छानबीन जारी है।
आरोपी से भी जल्द ही पूछताछ की जाएगी। फिलहाल महिला के बयान लिए जा रहे हैं।
शादी के बहाने दुराचार, सजा
वहीं जिला सिरमौर के नाहन जिला कोर्ट नाहन के स्पेशल जज जेके शर्मा की अदालत ने शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुराचार के मामले में आरोपी को अभियुक्त करार दिया। अभियुक्त को सात साल की कठोर कारावास एवं 61 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
जिला न्यायवादी जगदीश चंदेल ने बताया कि 23 अगस्त 2013 को अभियुक्त प्रदीप कुमार पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी गांव टिंबी तहसील शिलाई ने बायला गांव की एक नाबालिग को शादी का झांसा देकर उसके घर में जाकर तीन माह तक उसके साथ दुराचार किया। साथ ही उसे डराया धमकाया कि यदि वह इस बारे में परिवार के किसी सदस्य को बताएगी तो वह उसे जान से मार देगा।
20 फरवरी 2014 को अभियुक्त ने युवती से शादी करने से इंकार कर दिया। तमाम साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानातों को मध्यनजर रखते हुए स्पेशल जज जेके शर्मा की अदालत ने बुधवार को आरोपी को 7 साल की कठोर कारावास एवं 61 हजार जुर्माने की सजा सुनाई।