हिमाचल के कुल्लू में पुलिस ने चरस तस्करी के आरोपियों से साढ़े 20 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। आरोपियों ने आय का साधन न होने के बावजूद लाखों रुपये इकट्ठा कर लिए थे। पुलिस की वित्तीय जांच में आरोपियों की संपत्ति का उनकी आय से मिलान नहीं हुआ। इसके आधार पर आरोपियों की संपत्ति को सीज कर दिया गया। एक आरोपी कुल्लू और दूसरा मंडी जिले से है।
पुलिस के अनुसार 27 दिसंबर, 2019 को पुलिस ने जवानी रोपा में महिला शीला देवी निवासी न्यूली तहसील व जिला कुल्लू के कमरे में रेड की थी। महिला के सूटकेस से 425 ग्राम चरस बरामद हुई थी। पूछताछ पर महिला ने बताया कि उसे चरस की नियमित सप्लाई ईश्वर (40) निवासी गांव लारन, बबेली तहसील व जिला कुल्लू से मिलती है।
उक्त आरोपी को भी इसी मुकदमे में धारा 29 एनडीपीएस के तहत 17 जनवरी 2020 को गिरफ्तार किया गया। महिला पहले शराब बेचने का काम करती थी। इसके आरोप में भी पुलिस ने पकड़ा था। फिर वह चरस बेचने का काम कर रही थी। वित्तीय जांच में आरोपी शीला के बैंक अकाउंट्स में करीब 1000000 रुपये पाए गए, जो किसी भी प्रकार से इसकी आय के अनुरूप नहीं है।
पीएनबी ढालपुर के अकाउंट में एक एफडी 1,43,491 रुपये, बचत खाते में 6,42,540 रुपये, पोस्ट ऑफिस सुल्तानपुर अकाउंट में 2,12,855 रुपये की राशि पाई गई। इसे एनडीपीएस की धारा 68 के अंतर्गत फ्रीज कर दिया गया है। चार नवंबर 2019 को आरोपी चेतराम पुत्र कालूराम निवासी बिहानी जंजैहली, जिला मंडी के पास से 4 किलो 36 ग्राम चरस पकड़ी गई थी।
जांच में पाया कि आरोपी चेतराम अपने परिवार के साथ रहता है। आरोपी के पास किसी भी प्रकार का व्यवसाय और कोई नियमित आय का साधन नहीं है। कुछ वर्ष पहले तक आरोपी ट्रक ड्राइवर था। आरोपी ने दो साल पहले एक कामर्शियल व्हीकल टाटा 407 खरीदा। इसकी कीमत 10,50,000 रुपये है। आरोपी ने वाहन के 2,29,800 रुपये की डाउन पेमेंट भी की।
साथ ही बैंक अकाउंट से 13 लाख 65 हजार रुपये का लेनदेन किया है। उधर, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि एनडीपीएस के दो मामले में दो आरोपियों की 20 लाख की संपत्ति को सीज किया गया है। अब तक 5 मुकदमों में 5 आरोपियों की 50 लाख रुपये से ज्यादा की अवैध संपत्ति को एनडीपीएस एक्ट में सीज व फ्रीज किया है।