खास बात यह है कि इस मामले में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पूरे मंत्रिमंडल से चर्चा के बाद खुद भी सीबीआई जांच का एलान कर चुके हैं। अब तक मामले को लेकर स्थिति साफ नहीं है।
हाल यह है कि पुलिस के आला अधिकारी इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि मामला सीबीआई जब तक अपने हाथ में नहीं लेते, तब तक जांच की खानापूर्ति जारी रहेगी। वहीं, गृह विभाग पुलिस की ओर से जांच सीबीआई या किसी अन्य एजेंसी को देने की सिफारिश का इंतजार कर रहा है।
जाहिर है विभागों की इस उदासीन रवैये के चलते जांच ठप होने की कगार पर पहुंच गई है। अब देखना यह है कि जिस मामले को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तक एलान कर चुके हैं, उसे शासन सीबीआई को कब तक भेजता है।