सीपीआईएम नेता राकेश सिंघा, संजय चौहान और टिकेंद्र पंवर ने एक युवक के साथ हुई मारपीट के मामले में दो पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रेसवार्ता में इन नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस थाने में युवक की टांग तोड़ दी गई। इसका मेडिकल भी नहीं करवाया जब आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ शिकायत देनी चाही तो मुकदमा तक दर्ज नहीं किया गया।
प्रेसवार्ता में सीपीआईएम नेताओं ने कहा कि घुमारवीं पुलिस ने तत्तापानी के एक युवक के साथ मारपीट कर उसकी टांग तोड़ दी। इस मौके पर शिकायतकर्ता भी मौजूद रहे। शिकायतकर्ता कैलाश ने बताया कि 24 अक्तूबर को वह अपने मामा के बेटे बलबीर के साथ सुन्नी में एक शादी में गया था। शाम के समय बलबीर को घुमारवीं पुलिस थाने से फोन आया कि तुम कल सुबह घुमारवीं थाने में आ जाओ।
दूसरे दिन 25 अक्तूबर सुबह दोबारा फोन आया कि तुम जल्दी थाने में हाजिरी दो उस पर पीड़ित कैलाश ने पुलिस से पूछा कि बलबीर ने क्या किया है उसे क्यों बुला रहे हैं? पुलिस वालों ने कहा कि थाने पहुुंचकर बताएंगे। तब पीड़ित ने कहा कि घुमारवीं से हम बहुत दूर हैं, हम सुन्नी थाने में जा सकते हैं।
पीड़ितों को दिलाएं इंसाफ
पुलिस ने कहा कि आधे घंटे में सुन्नी थाने में चले जाओ। सुन्नी थाने में पहुंच कर थाना प्रभारी ने घुमारवीं पुलिस थाने में फोन किया और पूछा कि यहां पर दो लड़के आए हैं, उस पर घुमारवीं पुलिस ने कहा कि इन के पास चोरी का मोबाइल है हम इन्हें लेने सुन्नी आ रहे हैं। शाम पांच बजे घुमारवीं पुलिस सुन्नी थाना पहुंचीं और दोनों युवकों को घुमारवीं ले गई।
कैलाश ने आरोप लगाया कि जैसे ही वह घुमारवीं पुलिस थाना पहुंचे दो पुलिस वालों ने पूछा की कैलाश किस का नाम है। शिकायतकर्ता ने जब कहा की मेरा नाम है तो यह सुनते ही पुलिस कर्मी प्रकाश और विजय ने उसे डंडे से पीटना शुरू कर दिया। दूसरे दिन सुबह छह बजे बलबीर से पूछा की मोबाइल किस से खरीदा है उस के पास चलो और वह वहां चले गए और जिस से मोबाइल खरीदा था तथा उसे थाने ले आए।
शाम को जब कैलाश के पांव में दर्द होने लगा तो उसने पुलिस जवानों से कहा की पांव में दर्द हो रहा है, उस पर उसे बाहर से दवाई ले आने को कहा। शाम को उन्हें जाने के लिया कहा और 27 अक्तूबर की सुबह दोबारा आने को कहा। दूसरे दिन सुबह वो वहां पहुंचे और उसके बाद उन्हें जाने के लिए कह दिया। सीपीआईएम नेताओं ने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया कि दोषी पुलिस वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें और पीड़ितों को इंसाफ दिलाएं।