अप्राकृतिक यौन शोषण की शिकार महिला की एफआईआर सार्वजनिक होने के मामले में वीरवार को पुलिस ने महिला आयोग को जवाब दे दिया है।
महिला आयोग के नोटिस का जवाब देते हुए पुलिस प्रशासन ने लिखा है कि उनकी ओर से एफआईआर लीक नहीं हुई है और न ही इस मामले के सामने आने के बाद पीड़ित महिला की ओर से उनके पास कोई शिकायत आई है।
महिला की शिकायत के आधार पर ही पुलिस आगामी कार्रवाई करती। अब महिला आयोग पुलिस के जवाब से कितना संतुष्ट है इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था मामला
अमर उजाला ने 10 अप्रैल के अंक में यौन पीड़िता मामले में शिमला पुलिस आई शक के दायरे में के शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर पर संज्ञान लेते हुए महिला आयोग ने इस बारे में पुलिस से जवाब मांगा। इस पर पुलिस ने जवाब भेज कर अपना पक्ष महिला आयोग के समक्ष रखा है।
पुलिस की ओर से दी गई सफाई से महिला आयोग कितना संतुष्ट होता है यह जवाब पढ़ने के बाद ही पता चल पाएगा। उधर, अप्राकृतिक यौनाचार केस में आरोपी भाजपा के पूर्व विधायक बलदेव शर्मा से वीरवार को पूछताछ नहीं हई है।
इस मामले से जुड़ा कोई ठोस साक्ष्य अब तक पुलिस को नहीं मिल पाया है। जांच की सूई महिला के बयान पर ही टिक गई।