जिसके बाद मामला जिला बाल सुरक्षा अधिकारी हरप्रीत कौर संधू के पास पहुंचा और फिर सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए गैंग की महिला मेंबर नंदिनी समेत पीड़ित बच्ची के पिता के खिलाफ धारा 372, 373, 376 आईपीसी और पोसको एक्ट 2012 की धारा 6 और 17 तहत थाना सिविल लाइन में केस दर्ज कर लिया है।
डीएसपी ने बताया कि 14 साल की पीड़ित बच्ची ने बयान दिया है कि वह पांच भाई-बहनों में से सबसे बड़ी है। परिवार काफी गरीब और मां पिछले काफी समय से बीमार रहती है।
जिस कारण पिता ने मां को बाकी भाई बहनों के साथ यूपी वापस भेज दिया, लेकिन वह पटियाला में ही रहकर लोगों के घरों में काम करती थी, ताकि परिवार की आर्थिक मदद कर सके। करीब डेढ़ महीने पहले पटियाला की ऋषि कालोनी की रहने वाली नंदिनी और बडूंगर निवासी लवप्रीत, जो आर्केस्ट्रा में काम करती हैं। इन दोनों महिलाओं ने उसके पिता को उनके पास काम करने के लिए छोड़ने के बदले में हर महीने 30 हजार रुपये देने का लालच दिया।
बच्ची के पिता ने लालच में आकर उसे दोनों महिलाओं के साथ भेज दिया। लेकिन बच्ची को नंदिनी हिमाचल प्रदेश के मनाली में ले जाकर जबरदस्ती जिस्मफरोशी कराती थी। बच्ची के बयान के मुताबिक उसकी तरह नंदिनी और भी कई लड़कियों को मनाली ले जाकर जिस्मफरोशी कराती है।
बच्ची के इस बयान के आधार पर पुलिस ने नंदिनी, लवप्रीत और बच्ची के पिता के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। नंदिनी व बच्ची के पिता को तो गिरफ्तार कर लिया है, जबकि लवप्रीत की गिरफ्तारी अभी बाकी है।
वह फरार बताई जा रही है। डीएसपी ने कहा कि नंदिनी ने और किन बच्चियों को देह व्यापार में लगाया, इस बारे में जांच चल रही है। दो दिनों के पुलिस रिमांड में उससे गैंग में शामिल और लोगों के बारे में भी पता लगाया जाएगा। ताकि उन पर भी कार्रवाई हो सके।