हिमाचल के मंडी जिला में स्थित देवता कमरूनाग की अरबों के खजाने से भरी रहस्मयी झील में हथियारों से लैस लूटेरों ने चोरी करने का प्रयास किया है। करीब एक दर्जन नकाबपोश बदमाशों ने मंदिर के चौकीदारों को बंधक बनाकर देवता की पवित्र झील से छेड़छाड़ की। हालांकि लूटेरे इसमें सफल हुए या नहीं इस बारे में कोई नहीं जानता।
मंदिर परिसर में पहुंचे नकाबपोश बदमाश युवकों की उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही हैं। घटना से देव समाज में आक्रोश है। मंदिर कमेटी ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवा दी है। पुलिस ने इसके बाद मौके पर जाकर छानबीन भी की।
बदमाश झील से छेड़छाड़ करने के लिए अपने साथ कुछ खास उपकरण भी लाए थे। झील से बदमाशों ने क्या निकाला इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है।
नशे में धुत थे नकाबपोश
नकाबपोश बदमाश नशे में धुत्त थे और रात को चौकीदारों को करीब पांच घंटे तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान बदमाशों ने पवित्र झील से छेड़छाड़ की। सुबह होते ही बदमाश चौकीदारों का दरवाजा खोलने के बाद फरार हो गए। रोहांडा के रास्ते बदमाश कमरूनाग मंदिर पहुंचे थे।
पुलिस और मंदिर कमेटी ने वारदात के बाद मंदिर परिसर में भी पहरा बिठाया लेकिन बदमाशों का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। एसएचओ गोहर नवीन झालटा ने घटना की पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि रात के समय कमरूनाग मंदिर में चार लोग चौकीदारी पर थे। सभी चौकीदार एक कमरे में थे। रात को करीब 12 बजे अचानक हाथ में दराट लेकर और मुंह पर काला कपड़ा बांधकर नशे में धुत्त करीब एक दर्जन युवक मंदिर में पहुंचे।
बदमाशों ने चौकीदारों के कमरे को बाहर से ताला जड़ दिया। बदमाशों ने चौकीदारों को जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद बदमाश देवता की पवित्र झील से छेड़छाड़ में लगे रहे।
आज तक कोई नहीं कर पाया चोरी
कमरूनाग के ऐतिहासिक सरानाहुली मेले में श्रद्धालु मन्नत पूरी होने पर नगदी, सोना और चांदी पवित्र झील में अर्पित करते हैं। झील में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित की गई संपत्ति को हासिल करने के लिए चोर कमरूनाग मंदिर में ऐसी वारदातों को अनेक बार अंजाम दे चुके हैं। लेकिन वे सफल नहीं हो सके।
कमरूनाग देवता के कटवाल ओम प्रकाश ने बताया कि झील से छेड़छाड़ करने वालों पर मंदिर कमेटी की पैनी निगाह है। देवता की संपत्ति से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं होगी। एसएचओ गोहर नवीन झालटा ने कहा कि मंदिर कमेटी को पुलिस बराबर सहयोग देगी।